महाराष्ट्र से तमिलनाडु पैदल आ रहा था शख्स, बीच रास्ते में तोड़ दिया दम

By Abhishek Raghuvanshi
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लॉकडाउन के बीच अभी भी लोग हजारों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घरों की ओर आ रहे हैं.

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद बहुत से लोग अभी भी हजारों किलोमीटर का सफर तय करके अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. हालात ये हैं कि कई लोगों के लिए ये सफर अब मौत का कारण बनने लगा है.

हैदराबाद. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में 21 दिनों को लॉकडाउन घोषित किया है. इस लॉकडाउन (Lockdown) का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदू​​रों में देखने को मिल रहा है. दो वक्त की रोटी के लिए अब ये मजदूर अपने शहरों से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद बहुत से लोग अभी भी हजारों किलोमीटर का सफर तय करके अपने घरों में लौटने की कोशिश कर रहे हैं. हालात ये हैं कि कई लोगों के लिए ये सफर अब मौत का कारण बनने लगा है. ऐसे ही एक घटना तमिलनाडु में भी देखने को मिली, जहां तीन दिन पहले 26 लोगों के साथ महाराष्ट्र के नागपुर से तमिलनाडु के नामक्कल के लिए निकले 23 साल के एक मजदूर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.

तमिलनाडु के नामक्कल के रहने वाला लोगेश बालासुब्रमनी लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बुधवार को सिकंदराबाद पहुंचा था, जहां उसने दम तोड़ दिया. बताया जाता है कि लोगेश यहां मौजूद एक शेल्टर होम में बैठा था, तभी वह गिर पड़ा. इसके बाद वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. लोगेश के शव को गांधी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है.

लोकेश के साथ पैदल सफर कर रहे दिनेश ने बताया, हम सभी बहुत थक गए थे. हमारे पैरों में जान ही नहीं बची थी, लेकिन हम सभी अपने घर जाना चाहते थे. हम सफर के दौरान जब थक जाते हैं तो आराम कर लेते हैं. ट्रक ड्राइवरों ने भी हमारी काफी मदद की है और हमें कुछ दूर तक लिफ्ट दी. हम जब यहां आए तो सबने सोचा कि यहीं पर कुछ देर आराम किया जाए. लोकेश एक जगह पर बैठा था और अचानक ​गिर गया.

लोकेश के मौत से पूरा समूह सदमे मेंलोकेश की मौत में जहां उसके ग्रुप के लोगों को सदमे में डाल दिया है. वहीं अब वह आगे का सफर तय करने में डर रहे हैं. ग्रुप में शामिल अयूब का कहना है कि लोकेश की सेहत बिल्कुल ठीक थी. सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के कारण हम सभी थक गए थे, वह हमारे सामने मर गया. हम बस घर जाना चाहते हैं. हम कितने दिनों तक ऐसे ही रहें? कृपया हमारे लिए एक वाहन की व्यवस्था करें.

एंबुलेंस से घर भेजा गया शव
देशभर में लॉकडाउन की वजह से पहले कहा गया था कि लोकेश को दोस्त उसका अंतिम संस्कार वहीं करेगा लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं के दखल के बाद लोकेश के शव को उसके घर पर भेजने की तैयारी की गई. पुलिस ने एंबुलेंस से शव को लोकेश के घर पर भेज दिया है.

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First published: April 4, 2020, 8:04 AM IST

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