बिजली कम्पनी के निजीकरण के लिए लाए गए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 के विरोध में काला दिवस मनाया

By Abhishek Raghuvanshi
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बिजली कम्पनी के निजीकरण के लिए लाए गए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 के विरोध में देशभर के 15 लाख बिजली कर्मचारियों के साथ मध्य प्रदेश के 50 हजार विद्युत कंपनियों के तमाम बिजली कर्मचारियों दारा सोमवार को काला दिवस मनाया गया। मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम कार्यकारिणी मैं यह निर्णय लिया गया कि कोविड19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा बिजली कम्पनी का निजीकरण करने हेतु इलेक्ट्रिसिटी बिल 2020 का मसूदा जारी किया गया हैं।

हालांकि इसका सोमवार को पुरजोर विरोध किया है जिसके बाद देश में 15 लाख बिजली कर्मचारियों के साथ मध्य प्रदेश के भी तमाम बिजली कर्मचारी ने काला दिवस मनाया। जिसके अंतर्गत सोमवार को इंदौर के पोली ग्राउंड स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य कार्यालय में भी बिजली कर्मचारी और इंजीनियर ने कार्य पर रहते हुए पूरे दिन काली पट्टी बांधकर निजीकरण के विरोध में बिल का पुरजोर विरोध किया। इस दौरान कंपनी के ज्वाइन डायरेक्ट पवन जैन बताया कि भारत सरकार द्वारा कोड 19 के दौरान देश की आर्थिक व्यवस्था सूत्र रखने के लिए जो 90 हजार करोड़ का पैकेज विद्युत क्षेत्र को दिया गया है उसे वितरण कंपनी को केवल निकी विद्युत उत्पादकों के मिलो की राशि देने के लिए दिया जा रहा है जिससे वितरण कंपनी को कोई फायदा ना होकर उसके ऊपर लोन चुकाने की जिम्मेदारी भी आएगी.

वहीं इस दौरान हमारे संवाददाता पलाश राठौर ने पोलो ग्राउंड स्थित विरोध प्रदर्शन का जायजा लिया और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और इंजीनियरों से 121 बातचीत भी की।

वही 50,000 बिजली कर्मचारियों ने किया एक साथ विरोध प्रदर्शन

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  • देशभर में 15 लाख कर्मचारी और इंजीनियरों ने किया प्रदर्शन
  • हाथ पर काली पट्टी बांध किया शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन
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