फांसी से पहले यह थी रेप और कत्ल के गुनाहगार धनंजय चटर्जी की आखिरी ख्वाहिश

By Abhishek Raghuvanshi
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निर्भया केस के चारों दोषी.

फांसी की सजा पाए अफजल गुरू (Afzal Guru), याकूब मेमन (Yakoob Meman) और अज़मल कसाब (Ajmal Kasab) से भी उनकी आखिरी ख्वाहिश (Last wishes) पूछी गई थी.

नई दिल्ली. गुनाहगार (Victim) कत्ल (Murder) का हो या रेप (Rape), फांसी से पहले हर गुनाहगार से उसकी आखिरी ख्वाहिश (Last wishes)  पूछी जाती है. जहां तक मुमकिन होता है उसकी जायज़ ख्वाहिश को पूरा किया जाता है. हेतल पारिख रेप और कत्ल के केस में गुनाहगार पाए गए धनंजय चटर्जी से भी उसकी आखिरी ख्वाहिश पूरी गई थी. अलीपुर सेंट्रल जेल में उसे फांसी दी गई थी. इसी तरह मुम्बई, संसद हमले (Parliament Attack) और मुम्बई (Mumbai) सीरियल बम ब्लास्ट केस में फांसी की सजा पाए अफजल गुरू (Afzal Guru), याकूब मेमन और अज़मल कसाब (Ajmal Kasab) से भी उनकी आखिरी ख्वाहिश पूछी गई थी.

आंख और गुर्दे दान करना चाहता धनंजय चटर्जी

हेतल पारिख रेप और कत्ल के केस में कोलकाता के धनंजय चटर्जी को फांसी की सजा सुनाई गई थी. 14 अगस्त, 2004 को उसे फांसी दी गई थी. लेकिन जब फांसी से पहले उसकी आखिरी ख्वाहिश पूछी गई तो उसने कहा कि वह अपनी आंख और गुर्दे दान करना चाहता है. अपने भाई उसने अपने भाई विकास और पिता बंशीधर को भी इस ख्वाहिश के बारे में बताया था, लेकिन वक्त को देखते हुए उसकी यह ख्वाहिश पूरी नहीं की गई थी.

बेटी से बात करना चाहता था याकूब मेमनमुम्बई सीरियल ब्लास्ट के गुनाहगार याकूब मेमन को 30 जुलाई, 2015 को नागपुर जेल में फांसी दी गई थी. जब कायदे-कानून के तहत मेमन से उसकी आखिरी ख्वाहिश पूछी तो उसने अपनी बेटी से बात करने की ख्वाहिश ज़ाहिर की. हालांकि उसकी बेटी को जेल में बुलाकर बात कराना उस वक्त मुमकिन नहीं थी, इसलिए फोन पर उसकी बेटी की बात करा दी गई.

मुम्बई हमले के गुनाहगार अज़मल कसाब को 21 नवंबर, 2012 को फांसी दी गई थी. दूसरे गुनाहगारों की तरह से उसकी भी आखिरी ख्वाहिश पूछी गई. लेकिन अज़मल कसाब ने किसी भी ख्वाहिश को ज़ाहिर करने से मना कर दिया और कहा कि उसकी कोई आखिरी ख्वाहिश नहीं है.

संसद हमले के गुनाहगार अफज़ल गुरू को 9 फरवरी, 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी. तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा आखिरी ख्वाहिश पूछने पर उसने पढ़ने के लिए कुरान शरीफ मांगी थी. जेल प्रशासन ने उसकी इस ख्वाहिश को पूरा भी किया था.निर्भया के गुनाहगारों ने नहीं बताई है आखिरी ख्वाहिश

20 मार्च को निर्भया गैंगरेप के चारों गुनाहगारों को तिहाड़ जेल में फांसी दी जाती है. इससे पहले उनकी आखिरी ख्वाहिश भी पूरी गई है, लेकिन इस बाबत अभी तक चारों ने कुछ नहीं कहा है. उनकी तरफ से किसी भी तरह की कोई ख्वाहिश ज़ाहिर नहीं की गई है.
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First published: March 17, 2020, 9:48 AM IST

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