कोरोना वायरस: आखिर इटली में ही क्यों हो गई 10 हजार से लोगों की मौत?

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read
इटली के सड़को का मंजर

Coronavirus: इटली ने स्पेन, चीन और अमेरिका को काफी पीछे छोड़ दिया है. यहां औसतन हर रोज सात सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है.

रोम. कोरोना वायरस (Coronavirus) से दुनिया भर में मौत का आंकड़ा 33 हज़ार को पार कर गया है. इसमें से 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान अकेले इटली (Italy) में जा चुकी है. इटली ने स्पेन, चीन और अमेरिका को काफी पीछे छोड़ दिया है. यहां औसतन हर रोज सात सौ से ज्यादा लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं. अगर स्वास्थ्य सेवाओं की बात की जाए तो इटली में टॉप क्लास की मेडिकल सुविधा है. बावजूद इसके अब तक दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों की मौत यहीं पर हुई है और ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इटली में ही ऐसा क्यों हो रहा है. आईए एक नजर डालते हैं मुख्य वजहों पर

1. कोरोना वायरस की चपेट में हर उम्र के लोग आ रहे हैं. लेकिन बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. खास कर 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगो में संक्रमण के बाद मौत का खतरा सबसे ज्यादा होता है. वजह है कमजोर इम्यूनिटी लेवल. इटली में जापान के बाद सबसे ज्यादा बुढ़े लोग रहते हैं. आंकड़ों के मुताबिक इटली में 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या करीब एक करोड़ 76 लाख है यानी करीब 23 फीसदी. जबकि जापान में ये संख्या करीब साढ़े तीन करोड़ है.

2. आंकड़ों के मुताबिक इटली में ज्यादातर ऐसे लोगों की मौत हुई है जिसकी औसत उम्र 78 साल से ज्यादा रही है. हालांकि पिछले दिनों 102 साल की एक महिला 20 दिन हॉस्पिटल में बिताने के बाद ठीक हो कर वापस घर आ गईं.

3. चीन के वुहान शहर में जैसे ही कोरोना वायरस के बारे में पता चला करीब एक करोड़ लोगों को लॉकडाउन कर दिया गया. सारी ट्रेन, फ्लाइ्ट्स और बसों को बंद कर दिया गया. लेकिन इटली में ऐसा नहीं हुआ काफी देर से यहां शहरों को लॉकडाउन किया गया. इतना ही नहीं लोग लॉकडाउन को मानने के लिए तैयार भी नहीं थे. जब यहां की सरकार ने 3000 यूरो का जुर्माना लगाना शुरू किया तब लोग घर में रहने लगे.4. इटली में कोरोना वायरस को लेकर टेस्ट भी काफी कम हो रहे हैं. सिर्फ ऐसे लोगों का फिलहाल टेस्ट हो रहा है जिनमें कोरोना के ज्यादा लक्षण दिखते हैं. इटली के उत्तरी शहर लोमबार्डी में एक दिन में सिर्फ 5 हजार लोगों के स्वैब टेस्ट हो रहे हैं. इतना ही नहीं एक्सपर्ट के मुताबिक इटली में इलाज करने के लिए डॉक्टरों के पास प्रोटेक्टिव गियर की भी काफी कमी है.

5. इटली के सैको हॉस्पिटल के डॉक्टर मैसिमो गाल्ली का कहना है कि यहां कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या को तोड़ मंड़ोर कर पेश किया जा रहा है. सीएनएन से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि असली आंकड़ें कही ज्यादा हैं. यानी आने वाले दिनों में यहां मौत की संख्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है.

ये भी पड़ें:
US शिफ्ट हुए हैरी और मेगन मर्केल, ट्रंप बोले- खुद उठाएं अपनी सुरक्षा का खर्च

Corona: सरकार ने बनाया ट्रेन में आइसोलेशन वार्ड, नाम रखा जीवनरेखा एक्सप्रेस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 30, 2020, 9:28 AM IST

Exit mobile version