कोरोना का मरीज समझ डॉक्‍टर ने मासूम को छूने से किया इंकार, तड़प-तड़पकर हुई मौत

By Abhishek Raghuvanshi
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कोरोना वायरस भले ही इस परिवार तक न पहुंचा हो लेकिन उसके खौफ ने इस मासूम की जान जरूर ले ली थी.

कोरोना (Corona) की आशंका के चलते डॉक्‍टर (Doctor) ने बच्‍चे को छूने से इंकार कर दिया. डॉक्‍टर ने औपचारिकतावश कुछ दवाएं दी और कहा – दवा पिलाओ, ठीक हो जाएगा. जब निशांत (Nishant) ने डॉक्‍टर से ठीक से देखने की गुजारिश की तो उसे धमकार वहां से चलता किया गया.

लखनऊ: शहर के जानकीपुर (Jankipuram) में रहने वाले निशांत सिंह सेंगर के परिवार की खुशियों को कोरोना (Corona) के दहशत की नजर लग गई. दरअसल, निशांत के परिवार में उनकी पत्‍नी के अलावा कल तक एक पांच माह का बेटा भी था. परसों रात, दूध पीते वक्‍त उनके बेटे की श्वास नली में अचानक दूध फंस गया. दूध फंसने के बाद हुई बेचैनी की वजह से बच्‍चा बुरी तरह से रोने लगा. पहले तो निशांत और उनकी पत्‍नी ने बच्‍चे को शांत कराने की हर कोशिश की, लेकिन जब वह शांत नहीं हुआ तो हॉस्पिटल (Hospital) की तरफ लेकर भागे.

सबसे पहले उन्‍होंने घर के सबसे करीब मौजूद प्राइवेट हॉस्पिटल का रुख किया. लेकिन, वहां उन्‍हें ताला लटकता हुआ मिला. हॉस्पिटल के करीब मौजूद एक शख्‍स ने उन्‍हें रिंग रोड स्थित दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में जाने की सलाह दी. जिसके बाद, निशांत अपने मासूम बेटे को लेकर उस हॉस्पिटल की तरफ भागे. दुर्भाग्‍यवश, वह हॉस्पिटल भी उन्‍हें बंद मिला. आखिर में निशांत लखनऊ के निशातगंज इलाके में स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने बेटे को लेकर पहुंचे. यहां हॉस्पिटल भी खुला था और डॉक्‍टर भी मौजूद थे, लेकिन निशांत के दुर्भाग्‍य ने उनका साथ नहीं छोड़ा था. बच्‍चे की हालत देख डॉक्‍टर को आशंका हुई कि कहीं वह कोरोना वायरस से संक्रमित तो नहीं है.

बस, इसी आशंका के चलते डॉक्‍टर ने बच्‍चे को छूने से इंकार कर दिया. डॉक्‍टर ने औपचारिकता वश कुछ दवाएं दीं और कहा- दवा पिलाओ, ठीक हो जाएगा. जब निशांत ने डॉक्‍टर से ठीक से देखने की गुजारिश की, तो उसे धमकार वहां से चलता किया गया. मजबूर निशांत बच्‍चे को लेकर घर वापस आ गया. बच्‍चे को दवा पिलाई. दवा पीते ही बच्‍चे की बेचैनी और बढ़ गई और वह शांत होने की बजाय बिलख-बिलख कर रोने लगा. बच्‍चे की यह हालत देख निशांत व उनकी पत्‍नी बुरी तरह घबरा गए. वह एक बार फिर बच्‍चे को लेकर अस्‍पताल पहुंचे. इस बार डॉक्‍टर की थोड़ी संवेदना जागी और उसने बच्‍चे का ठीक से परीक्षण किया. परीक्षण में लगा कि बच्‍चे की श्वास नली में दूध फंसा हुआ है.

डॉक्‍टर ने गले में नली डालकर श्वास नली नली से दूध तो निकाल लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अपनी किलकारियों से घर के हर शख्‍स के चेहरे पर मुस्‍कान बिखेरने वाला मासूम अब सभी को छोड़ कर इस दुनिया से जा चुका था. कोरोना वायरस भले ही इस परिवार तक न पहुंचा हो लेकिन उसके खौफ ने इस मासूम की जान जरूर ले ली थी.यह भी पढ़ें: 

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First published: April 2, 2020, 3:04 PM IST

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