इंदौर में एडवाइजरी कम्पनी की आड़ में देश भर के लोगो के साथ आये दिन हो रही लाखो करोड़ो की जालसाज़ी के कारण ये महान देवी अहिल्याबाई की पवित्र नगरी देश भर में बदनाम होती जा रही थी जैसे एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है वैसे ही ये बाहरी लोग इंदौर में रहकर देशभर में ठगी कर के इस इंदौर को लगातार बदनाम कर रहे थे । इन ठगोरो ने देश के सैनिकों तक को नही छोड़ा था कई सैनिक आये दिन इन फर्जी एडवाइजरी कंपनियों की शिकायत करते थे आये दिन पुलिस को कई निवेशकों के साथ ठगी होने की शिकायत मिलती थी कार्यवाही भी होती थी मगर कड़ी कार्यवाही नही होने कारण ये ठगोरे या तो जेल जाते नही थे या जेल जाते भी थे तो ज्यादा से ज्यादा 2 दिनों में इन ठगौरों की जमानत हो जाती थी और ये ठगोरे जेल से बाहर आकर फिर निवेशकों से ठगी के काम में लग जाते थे ओर बदनाम होता था इंदौर शहर ।
इसी बीच जब से क्राइम ब्रांच ने ठगाए निवेशकों की शिकायत पर एडवाइजरीयो पर कार्यवाही करना शुरू की तो इंदौर की फर्जी एडवाइजरीयो में हड़कंप मच गया क्यो की क्राइम ब्रांच जिस तरह से पूरी शिकायतों की जांच ओर कार्यवाही कर रही थी उससे एडवाईजरी कंपनी के मालीको को जेल भी जाना पड़ रहा था वो भी अधिक से अधिक समय के किये । सभी फर्जी एडवाइजरी कंपनी वाले निवेशकों से कुछ फर्जी सेविंग अकाउंट में या अन्य ऑनलाइन पेमेंट के अन्य फर्जी तरीके अपनाते थे ओर पुलिस से व कोर्ट से बहुत ही आसानी से अपने आप को बचा लेते थे क्यो की उस कंपनी के अकाउंट में ठगी का पैसा नही होता था वो पैसा कंपनी मालिक उसके कुछ फर्जी अकाउंटो में डलवाता था ताकि जांच होने पर कंपनी मालिक बच जाए पर क्राइम ब्रांच asp राजेश दंडोतिया ने जिस तरह से मजबूती से ढूंढ ढूंढ कर सबूत इकट्ठा करके सबूतों के आधार पर लगातार जो कड़ी कार्यवाहीया की उसके बाद या तो फर्जी एडवाईजरी चलाने वाला जैल गया या रातोरात कंपनी बन्द कर भाग खड़े हुआ । आज भी कई फर्जी एडवाइजरी कंपनी के कर्ता धर्ता जेल में ही है तो वही क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों से घबराकर इंदौर से भागने वाली कंपनियों ने राजस्थान या गुजरात को अपना नया ठिकाना बनाया है
