इंदौर नगर निगम की पहल के बाद शहर की 113 बैकलाइन का स्वरूप बदलने लगा है

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर नगर निगम की पहल के बाद शहर की 113 बैकलाइन का स्वरूप बदलने लगा है इन बैक लाइनों की हालत पहले काफी खराब हुआ करती थी लेकिन क्षेत्र के रहने वाले नागरिकों के द्वारा इनकी सजावट और साफ सफाई करने के बाद इनका स्वरूप ही बदल गया है।

लगातार चार बार स्वच्छता में नंबर वन बनने के बाद इंदौर अब पांचवीं बार स्वच्छता का पंच लगाने के लिए तैयार है स्वच्छता की दिशा में सारे सारे काम करने और कचरे का निष्पादन करने के बाद अब शहर में सफाई का अभियान बेक लाइन की तरफ जा रहा है जिन बैक लाइनों की पहचान अब पहले हमेशा गंदगी और कचरे से हुआ करती थी उन्हीं बैकलाइनों को साफ और सुसज्जित कर देखने योग्य नगर निगम ने बना दिया गया है नगर निगम की ओर से इन बैक लाइनों की साफ-सफाई और इनकी साज-सज्जा के काम में स्वयंसेवी संगठन और रहवासी भी मिलकर सामने आए हैं नगर निगम भी एनजीओ के माध्यम से नागरिकों को बैक लाइनों को साफ रखने के लिए प्रेरित कर रहा है, इस प्रेरणा के बाद स्वयं नागरिक भी इन सभी कामों को करने के लिए आगे बढ़कर सामने आए हैं नगर निगम की इसी पहल का यह परिणाम है कि आज गांधी जयंती के दिन 113 बेक लाइन ऐसी सामने आई जिनकी आज स्थिति पूरी रूप से बदल चुकी है इन बैक लाइनों में रंग रोगन के साथ इतनी सफाई हो चुकी है कि कोई भी व्यक्ति वहां पर बैठ सकता है बच्चे वहां खेल सकते हैं यहां तक कि कुछ बेक लाइनों की हालत तो ऐसी है कि वहां बैठकर भोजन भी किया जा सकता है रविंद्र नाट्य ग्रह में आयोजित एक कार्यक्रम में आज इन बैक लाइनों का शुभारंभ भी किया गया।

आगे यह देखना होगा कि जो बेक लाइने नगर निगम ने साफ और स्वच्छ करवाई है आगे रहवासी इन बैक लाइनों की देखभाल किस तरह से करते हैं साथ ही इंदौर को एक बार फिर नंबर वन बनाने में इन बेक लाइनों का कितना योगदान रहता है।

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