इंदौर क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि शहर में एक नम्बर के दो वाहन चल रहे है। जब पुलिस ने मामले की तफतीश की, तो बड़ा खुलासा हुआ। एएसपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि परदेशीपुरा थाने में पहले एक्टिवा वाहन की चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखाई उसके आधार पर बीमा की राशि ले ली गई। वही उस एक्टिवा को अन्य युवक को बेच दिया। उस युवक ने भी एक्टिवा का रंग बदला और दूसरे वाहन का नम्बर प्लेट लगा ली। मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपी शंकर, आशीष और गोविंद को गिरफ्तार किया।
