आनंद महिंद्रा ने युवाओं को सेना में शामिल करने के प्रस्ताव का समर्थन किया, कहा- ग्रुप को इन्हें नौकरी का मौका देकर खुशी होगी

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर 17 मई 2020

आनंद महिंद्रा ने सेना में युवाओं को तीन साल के लिए शामिल करने से जुडे प्रस्ताव ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ का समर्थन किया है। महिंद्रा ने इस संबंध में सेना मुख्यालय को ई-मेल भेजा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि मुझे पता चला है कि सेना देश के आम नागरिकों के लिए टूर ऑफ ड्यूटी संबंधी नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत देश के युवाओं और फिट नागरिकों को स्वैच्छिक आधार पर सेना के साथ बतौर जवान या अफसर के तौर पर जुड़कर ऑपरेशनल एक्सपीरियंस लेने का मौका मिलेगा। 

‘सेना का अनुभव युवाओं के काम आएगा’
महिंद्रा ने आगे लिखा- मुझे इस बात का पक्का विश्वास है कि ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ के तौर पर सेना की ट्रेनिंग हासिल करने के बाद जब लोग वापस अपने काम पर लौटेंगे तो यह उनके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। सेना में सिलेक्शन और ट्रेनिंग के कड़े स्टैंडर्ड की वजह से महिंद्रा ग्रुप यहां ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को महिंद्रा ग्रुप नौकरी का मौका देकर खुशी महसूस करेगा।

क्या है टूर ऑफ ड्यूटी 
इस प्रस्ताव के अमल में आने के बाद देश के आम नागरिकों को तीन साल तक सेना में सर्विस का मौका मिलेगा। इसके बाद वे पसंद की कोई भी दूसरी नौकरी चुन सकते हैं। यह प्रस्ताव प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी तरफ रिझाने की भारतीय सेना की कोशिशों का हिस्सा है। शुरुआत में ट्रायल आधार पर सेना ने 100 अफसरों और एक हजार जवानों को इसके तहत शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। 

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युवा कॉम्बैट रोल के लिए योग्य होंगे

प्रस्ताव के मुताबिक, ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ के तहत सेना में 3 साल के लिए शामिल होने वाले युवा कॉम्बैट रोल के लिए योग्य होंगे। इनके इस्तेमाल पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होगा। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर सेना के भीतर भी स्टडी हुई है। इसमें यह तथ्य सामने आया है कि इससे सेना को करोड़ों रुपए की बचत होगी। क्योंकि, इस योजना के जरिए भर्ती होने वाले युवाओं को आम सैनिकों की तरह ग्रेच्यूटी, पेंशन और लीव इनकैशमेंट(छुट्टी का पैसा) नहीं देना होगा। 

एसएससी के जरिए बतौर अफसर 14 साल सेवा दे सकते हैं

मौजूदा समय में शार्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के जरिए युवा 10 साल के लिए सेना में अधिकारी के तौर पर भर्ती होते हैं। इसे 14 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा स्थायी कमीशन का भी विकल्प होता है। 

पिछले कुछ सालों से इस योजना के जरिए भर्ती होने वाले करीब 50 फीसदी अफसरों को परमानेंट कमीशन दिया जा रहा है। इसके बावजूद सेना के आला अधिकारी एसएससी की सेवा शर्तों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि युवाओं के लिए इसे और ज्यादा आकर्षक बनाया जा सके।

पैरामिलिट्री के जवान भी सेना में शामिल हो सकेंगे
सेना अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी कुछ समय के लिए सेना में काम करने का मौका देने पर विचार कर रही है। सेना के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय सेना ‘इनवर्स इंडक्शन मॉडल’ नाम के एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके तहत केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को सेना में कुछ समय के लिए काम करने का मौका दिया जा सकता है।

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