हूबहू WhatsApp की तरह दिखती है ये फर्जी ऐप्स, गलती से भी ना करें डाउनलोड

By Abhishek Raghuvanshi
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WhatsApp

इन फर्जी ऐप्स में असली वॉट्सऐप से भी ज़्यादा अडवांस फीचर्स दिए जाते हैं, जिसकी वजह से यूज़र्स उनकी तरफ ज़्यादा आकर्षित हो रहे हैं…

वॉट्सऐप (whatsApp) ऐसी ऐप है जो ज़्यादातर नए फोन में सबसे पहले डाउनलोड की जाती है. ऐसे में वॉट्सऐप को लेकर फ्रॉड के मामले भी ज़्यादा आते हैं, जहां जालसाज़ वॉटसऐप पर फर्जी मैसेज के ज़रिये या फर्जी वॉट्सऐप (fake whatsapp) के ज़रिये ही यूज़र्स को बेवकूफ बनाते हैं. जी हां सिर्फ फर्जी मैसेज ही नहीं, हूबहू वॉट्सऐप की तरह दिखने वाली फर्जी ऐप्स भी यूज़र्स को धोके में रख रही हैं. हैरान करने वाली बात तो यह है कि ये फर्जी ऐप्स असली वॉट्सऐप से ज़्यादा पॉपुलर हैं.

एक अफ्रीकन रिपार्ट में बताया गया है कि वॉट्सऐप के अनऑफिशल वर्जन यानी कि फर्जी ऐप्स कुछ देशों में बहुत ज़्यादा पॉपुलर हो रहे हैं. Caribou Data के को-फाउंडर Bryan Pon का कहना है ‘Whats App mods’ जैसी फेक वॉट्सऐप का पॉपुलर होने की सबसे बड़ी वजह इनके फीचर्स हैं. इन फर्जी ऐप्स में असली वॉट्सऐप से भी ज़्यादा अडवांस फीचर्स दिए जाते हैं, जिसकी वजह से यूज़र्स उनकी तरफ ज़्यादा आकर्षित होते हैं.

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इसके अलावा जो सबसे ज़्यादा पॉपुलर है वह GBWhatsApp है. ये वॉट्सऐप की तरह दिखने वाली ऐसी ऐप है जो यूज़र के स्टेटस को डिलीट होने के बाद भी उसे देखने की सुविधा देती है, साथ ही इसमें डिलीट हुए मैसेज भी रिस्टोर किए जा सकते हैं. इतना ही नहीं इसमें 50MB की फाइल सेंड करने की अनुमति मिलती है, वहीं असली वॉट्सऐप में सिर्फ 16MB की फाइल भेजी जा सकती है. इसके अलावा ‘WhatsApp Plus’ भी थर्ड पार्टी ऐप्स में से एक है.साथ ही ‘YoWhatsApp’ और ‘FMWhatsApp’ नाम की ये दो ऐप्स भी काफी  पॉप्युलर है, जो कि अनऑफिशल वॉट्सऐप हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों नाइजीरिया, केन्या और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में बहुत पॉप्युलर हैं.

ज़रूरी बात- वॉट्सऐप के पॉलिसी में लिखा है कि WhatsApp की थर्ड पार्टी ऐप GB WhatsApp और WhatsApp Plus इस्तेमाल करने पर वॉट्सऐप यूज़र को ‘टेम्पररी बैन (Temporary Ban) कर देता है. तो अगर आप भी ऐसी ऐप्स (Apps) का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं.(ये भी पढ़ें- 9 हज़ार वाले इस 3 कैमरे के फोन को सिर्फ 7,700 रुपये में लाएं घर! ऐसे मिलेगा ऑफर)

वॉट्सऐप के FAQ पेज पर दी जानकारी के मुताबिक कंपनी ऐसा इसलिए करती है क्योंकि ये दोनों वॉट्सऐप के ऑफिशियल वर्जन नहीं बल्कि थर्ड पार्टी ऐप्स हैं. ये अनऑफिशियल ऐप्स थर्ड पार्टी की बनाई हुईं हैं और ये वॉट्सऐप के नियमों का उल्लंघन करती है और वॉट्सऐप इन्हें सपोर्ट नहीं करता है.

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First published: March 11, 2020, 9:19 AM IST

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