हल्दीराम के मालिक महेश अग्रवाल का निधन, सिंगापुर में ली अंतिम सांस

By Abhishek Raghuvanshi
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महेश अग्रवाल लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और सिंगापुर में उनका इलाज चल रहा था.

हल्दीराम (Haldiram’s) के मालिक महेश अग्रवाल (Mahesh Agarwal) का सिंगापुर (Singapore) के एक अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) हुआ था. लेकिन इसके बावजूद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

नई दिल्ली. देश समेत पूरी दुनिया में मशहूर नमकीन और मिठाई ब्रांड हल्दीराम (Haldiram’s) के मालिक महेश अग्रवाल (Mahesh Agarwal) का सोमवार को निधन हो गया. 57 साल के अग्रवाल का निधन सिंगापुर (Singapore) में हुआ. वह लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और सिंगापुर में उनका इलाज चल रहा था. उनका परिवार भी उनके साथ सिंगापुर में ही था. कोरोना वायरस के मद्देनजर यात्रा पर प्रतिबंध के चलते उनका परिवार भारत वापस नहीं लौट पा रहा है.

महेश अग्रवाल का सिंगापुर के एक अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था. लेकिन इसके बावजूद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

पुणे मिरर की खबर के मुताबिक महेश अग्रवाल ने शुक्रवार की आधी रात को अंतिम सांस ली. वह लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और वहां उनका इलाज चल रहा था. शनिवार को अग्रवाल का जन्मदिन था और वह इस दिन 57 साल के होने वाले थे.

सिंगापुर के नियमों के हिसाब से हुआ अंतिम संस्कारमहेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार को ही कर दिया गया था. अग्रवाल का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से न करके सिंगापुर के नियमों के मुताबिक करना पड़ा. अग्रवाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं. उनकी पत्नी मीना और एक बेटी अवनी उनके साथ अंतिम समय में वहां मौजूद थे. अब वह घर वापस आना चाहते हैं लेकिन कोरोना वायरस के कारण लगे यात्रा प्रतिबंधों के चलते वह वापस लौटने में असमर्थ हैं.

मां-बेटी दोनों ही दूतावास के चक्कर लगा रहे हैं और सिंगापुर में फंसे सभी भारतीयों की तरह ऑनलाइन फॉर्म भर रहे हैं. कहा जा रहा है कि सिंगापुर में मंगलवार से लॉकडाउन होने वाला है और इन दोनों के मुताबिक भारतीयों को यह आश्वासन दिया गया है कि फ्लाइट का प्रबंध कर उन्हें बुधवार तक भारत लाया जाएगा.

जनवरी में सिंगापुर गए थे अग्रवाल
अग्रवाल का बेटा प्रतीक इस समय कोलकाता में है और उनकी बड़ी बेटी आंचल साइंटिस्ट हैं जो सेंट फ्रांसिस्को में काम करती हैं. उनकी छोटी बेटी अंतरा दुरहम यूनिवर्सिटी में मैथ्स और कम्प्यूटर की पढ़ाई कर रही हैं.

अग्रवाल जनवरी में अपना इलाज कराने के लिए सिंगापुर गए थे, जहां उनका लीवर ट्रांसप्लांट होना था. उनकी सर्जरी कामयाब रही थी लेकिन फिर उन्हें इंफेक्शन हो गया जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. परिवार ने बताया कि इंफेक्शन के चलते उनके अंतिम संस्कार में कोई लापरवाही नहीं बरती जा सकती थी. ऐसे में वहां के नियमों के मुताबिक ही उनका अंतिम संस्कार किया गया.

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First published: April 6, 2020, 11:38 PM IST

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