मौसम में आ रहा बदलाव, इस बार मानसून सामान्य से अधिक रहने की संभावना

By Abhishek Raghuvanshi
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इस साल मानसून सामान्य से अधिक रहने की संभावना: IBM

आईबीएम (IBM) के उपक्रम इस मौसम कंपनी ने कहा कि मानसून 31 मई को केरल में दस्तक दे सकता है.

नई दिल्ली. भारत (India) में ला नीना परिस्थितियों के कारण इस बार मानसून (Monsoon) के ‘‘सामान्य से अधिक’’ रहने की संभावना है. मौसम पूर्वानुमान लगाने वाली निजी इकाई वेदर कंपनी ने गुरुवार को अपने पूर्वानुमान में यह जानकारी दी.

आईबीएम (IBM) के उपक्रम इस मौसम कंपनी ने कहा कि मानसून 31 मई को केरल में दस्तक दे सकता है. अगर अनुमान सच होता है, तो भारत में इस वर्ष भी मानसून सामान्य से अधिक रहेगा, ऐसा लगातार दूसरे वर्ष होगा.

उत्तर पश्चिम भारत में रहेगा गर्मी का प्रकोप

मौसम विभाग ने इस साल गर्मी के मौसम में देश के उत्तर पश्चिमी मैदानी इलाकों में ग्रीष्म लहर का प्रकोप पिछले सालों की तुलना में अधिक होने की आशंका व्यक्त की है. विभाग के मुताबिक, आगामी अप्रैल से जून के दौरान सामान्य तापमान में औसतन 0.5 से 1.0 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है.इन राज्यों में पड़ सकती है गर्मी

मौसम विभाग द्वारा अगले तीन महीने के लिये जारी मौसम संबंधी दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के मैदानी इलाकों में अप्रैल, मई और जून के महीने में सामान्य से अधिक गर्मी हो सकती है. विभाग ने इस साल गर्मी के मौसम में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रहने का अनुमान व्यक्त किया है. इसका सीधा असर दिन के समय अत्यधिक गर्मी रहने के रूप देखने को मिल सकता है.

विभाग की क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल गर्मी का असर मैदानी क्षेत्रों के अलावा पहाड़ी इलाकों में भी तुलनात्मक रूप से अधिक रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों के अलावा पश्चिमी राजस्थान में तीन महीने के दौरान औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस से भी अधिक जा सकता है.

 

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First published: April 3, 2020, 12:00 AM IST

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