नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान के पाँचवे चरण में अत्याधुनिक संसाधनों पर अधिक जोर दिया जा रहा है

By Abhishek Raghuvanshi
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नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान पांचवे चरण में अब बुलाने के लिए अत्याधुनिक संसाधनों पर जोड़ दिया है यही वजह है कि नगर निगम में सफाई व्यवस्था को पहले से और बेहतर करने के लिए मैकेनाइज्ड मशीनों की संख्या बढ़ा दी है …खास बात यह है कि इस बार सफाई के लिए कुछ ऐसी मशीनें भी आई है… जो डस्ट और सफाई के साथ-साथ दीवारों और सड़कों से गंदे निशान भी साफ कर पाएगी… मंगलवार को नगर पालिका निगम ने अपनी मैकेनाइज्ड मशीनों की संख्या भी बढ़ा दी है… खास बात यह भी है कि स्वच्छता के पांचवें चरण में मैकेनाइज्ड मशीनों द्वारा की जाने वाली सफाई पर अंक निर्धारित किए हैं ।

इंदौर शहर में फिलहाल शहर में 13 मैकेनाइज्ड मशीनों मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। यह संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है… ये मशीनें रोज रात में सड़क किनारे सफाई कर धूल खींचती हैं। सभी मशीनें रोज करीब 300 किमी लंबाई में सफाई करती हैं। लेकिन अब पहले से अधिक अत्याधुनिक मैकेनाइज मशीनें इंदौर शहर को मिल चुकी है जिससे इंदौर में रोजाना सफाई का दायरा 300 किलोमीटर से बढ़कर 700 किलोमीटर तक हो जाएगा यह मशीन पूरी तरीके से आटोमेटिक है और इससे शहर की सड़कों की सफाई में और भी निखार आ सकेगा… करोड़ों रुपए की लागत वाली इन मशीनों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप शहर के हाईवे से लेकर शहर की सकरी गलियों तक को साफ करने के लिए नगर निगम के पास अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध होगी …स्वच्छता के क्षेत्र में पंच लगाने के लिए नगर निगम ने इन मशीनों की संख्या बढ़ाई है क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई पांचवें चरण की गाइड लाइन में मैकेनाइज मशीनों के द्वारा सफाई को भी महत्व दिया गया है… खासतौर पर ऐसे दौर में जब कोरोना वायरस के चलते मैनुअली काम करवाना बेहद चुनौतीपूर्ण है.. ऐसे में यह मशीनें इंदौर नगर पालिका निगम के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।

नगर निगम ने इससे पहले जो मैकेनाइज मशीनें दी थी उससे नगर निगम को काफी फायदा हुआ था यही वजह है कि निगम ने इन मशीनों को बढ़ाने का फैसला किया …उम्मीद की जा रही है कि स्वच्छता के पांचवें चरण में यह मैकेनाइज्ड मशीन गेम चेंजर साबित हो सकती है ।

बाईट-संदीप सोनी,अपरआयुक्त

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