ट्रेड यूनियनों की सरकार से गुहार! नौकरी से निकाले जाने, वेतन कटौती पर लगे रोक

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read
वेतन कटौती पर रोक के लिये श्रम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की

श्रमिक संगठनों ने लोगों को नौकरी से निकाले जाने और वेतन में कटौती पर लगाने के लिये श्रम मंत्री (Labour Minister) संतोष गंगवार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की.

नई दिल्ली. विभिन्न श्रमिक संगठनों ने लोगों को नौकरी से निकाले जाने और वेतन में कटौती पर लगाने के लिये श्रम मंत्री (Labour Minister) संतोष गंगवार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की. संगठनों ने असंगठित क्षेत्र के 40 करोड़ से अधिक कामगारों के लिये आय में समर्थन देने की भी मांग की. दस श्रमिक संगठनों इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटक, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटक ने श्रम मंत्री को संयुक्त पत्र लिखकर ये मांगें की.संगठनों ने कहा, असंगठित/अनौपचारिक क्षेत्र के सभी कामगारों के लिये विस्तृत आय समर्थन इस वक्त की जरूरत है और हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी से देश के कामगारों के बहुमत को बचाये.

रोजगार को लेकर संगठनों ने कहा, हमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत देशभर से अभी भी ऐसी खबरें मिल रही हैं कि लोगों को जबरन अवैतनिक अवकाश पर भेजा जा रहा है. श्रम मंत्रालय और गृह मंत्रालय दोनों के द्वारा जारी अपील व परामर्श का जमीन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करने की जरूरत है.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, लॉकडाउन में दी ये छूट

कंपनियों का सरकार से सवाल सैलरी देने के लिए पैसे कहां से लाएंबड़ी इंडस्ट्रीज हो या छोटे कारोबारी, फिलहाल इनके हालात लगभग एक जैसे हैं. सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण अगर काम बंद है तो भी किसी की सैलरी नहीं रोकी जाएगी. लेकिन कंपनियों की मुश्किल है कि वो सैलरी के लिए पैसे कहां से ला पाएंगी. कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के कारण पिछले कुछ समय से कंपनियों की आमदनी ज़ीरो हो गई है.

इंडस्ट्री लगातार यह कह रही है कि उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है. इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इंडस्ट्री की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि लेबर मिनिस्ट्री अनएंप्लॉयमेंट बेनेफिट बढ़ाने की तैयारी में है. साथ ही इंडस्ट्री यह भी पूछ रही है कि सरकार ने सैलरी को लेकर जो निर्देश दिए हैं क्या उसके पीछे कोई कानूनी वैधता है. उदाहरण के तौर पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत ऐसी कोई कानूनी वैधता नहीं है.

ये भी पढ़ें: 

कल से आपके खाते में इतने रुपये ट्रांसफर करेगी सरकार, इन लोगों को करना होगा इंतजार

आरोग्य संजीवनी पॉलिसी के तहत होगा कोरोना का इलाज, जानें कितना हेल्थ कवर है जरूरी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 2, 2020, 8:46 PM IST

Exit mobile version