जो बाइडैन बने अमेरिका के राष्ट्रपति, इंदौर में ग्लोबलाइजर के छात्रों ने मनाया जीत का जश्न

By Abhishek Raghuvanshi
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· अमेरिकी चुनाव के परिणामों से, वहां पढ़ने जाने की तैयारी कर रहे छात्रों में छाया उल्लास

इंदौर, 17 नवंबर 2020 । डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव हारने और जो बाइडेन का चुनाव जीतना इंदौर के छात्रों के लिए जश्न मनाने का मौका था। खासतौर पर उन छात्रों के लिए जो अमेरिका में पढ़ाई करने के साथ ही अपना करियर बनाना चाहते हैं। ट्रंप की हार और बाइडेन की जीत ऐसे छात्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इंदौर अग्रणी स्टडी अब्रॉड कंसल्टिंग कंपनी द ग्लोबलाइजर ने बाइडेन की जीत का जश्न केक काटकर मनाया।

ग्लोबलाइजर के डायरेक्टर एंव चीफ फैकल्टी प्रशांत हेमनानी के अनुसार ट्रंप के अजीब फैसलों और नॉन इमिग्रेंट पॉलिसियों ने छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे देशों की ओर जाने पर मजबूर कर दिया था। ट्रंप के जाते ही छात्रों ने इस बदलाव को सकारात्मक तरीके से लिया और जश्न मनाया। जो बाइडेन का आना भारतीय छात्रों के लिए इसलिए भी अच्छी बात है क्योंेकि उन्होंने अपने पूरे कैंपेन में इमिग्रेशन पॉलिसी को सुधारने पर जोर दिया। उनका मानना ये है कि कहीं ना कहीं हम सभी माइग्रेंट्स ही हैं। ट्रंप द्वारा पिछले चार सालों में लगाए गए प्रतिबंधों को बदलने के संकेत भी दे चुके हैं। वे अमेरिका को अप्रवासियों का स्वागत करने वाले देश के रूप में बदलना चाहते हैं।

जो बाइडेन की इलेक्शन कैंपेन वेबसाइट के अनुसार, बाइडेन प्रशासन की पहले 100 दिनों की योजना के मुख्य बिंदु हैं

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यात्रा और शरणार्थियों पर लगे प्रतिबंध को हटाना

सेंसिबल एन्फोर्समेंट की प्राथमिकताओं को फिर से लागू करना

ग्रीन कार्डधारियों की नेचुरलाइजेशन की प्रक्रिया को फिर से लागू करना। बाइडेन प्रशासन इसे क्वालिफाइड ग्रीन कार्डधारियों के लिए और भी ज्यादा आसान बनाना चाहते हैं

बाइडेन ने एच-1बी, ईबी-1, जे-1 जैसे वीसा पर लगे अस्थाई प्रतिबंधों को हटाने की बात कही है। परमानेंट और काम के आधार पर दिए जाने वाले वीजा की संख्या बढ़ाने की बात भी उन्होंने कही है।

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