सिंगरौली एक अकेला थक जायेगा, मिलकर बोझ उठाना’.साथी हाथ बढ़ाना रे, साथी हाथ बढ़ाना रे,, इस गाने को सभी ने सुना होगा और जिस तरह से लोग कोरोना वायरस के साथ विश्वव्यापी लड़ाई में एक दूसरे का साथ दे रहे हैं, इससे यह गाना पूर्णतः जीवंत हो उठता है। बड़े-बड़े दिग्गजो के बीच जब असहाय व निर्धन द्वारा दान दिया जाता है तो वह अपने आप में निश्चित ही बड़ा दान तो होता है लेकिन जब 7-8 वर्ष की मासूम बच्चियों द्वारा गरीबों को भोजन कराने के लिए अपने गुल्लक को तोड़ कर दान दिया जाय तो समझिए कि भारत देश के मान व सम्मान को कोई विपदा व त्रासदी हिला नही सकती।
