घर जाने की जिद में सड़क पर उतरे सैकड़ों मजदूर, कहा- 17 दिन से खाने का भी ठिकाना नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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गुजरात से निखिल सोनी की रिपोर्ट

21 दिन के लॉकडाउन की वजह से सूरत में फंसे मजदूरों ने पत्थरबाजी करने के साथ ही कई गाड़ियों में आग लगा दी।

गांव नहीं जा पा रहे 150 से ज्यादा मजदूरों ने लसकाना में शुक्रवार देर रात बवाल कर दिया
मजदूरों ने सब्जी की लॉरियों, एंबुलेंस और राहगीरों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया

सूरत. लॉकडाउन में खाली बैठे श्रमिकों ने शुक्रवार को सूरत में दो जगह हंगामा कर दिया। डायमंड बुर्स में निर्माण श्रमिक और लसकाना में बुनकर सड़कों पर उतरे। उनका कहना था कि लॉकडाउन चलता रहा तो गुजारा कैसे चलेगा। काम शुरू करवाया जाए या घर जाने दिया जाए। बुनकरों ने सब्जी की 5 रेहड़ियों को आग लगा दी। टायर भी फूंके। एंबुलेंस में तोड़फोड़ की और राहगीरों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। सूरत के डीसीपी राकेश बारोट ने बताया कि सूरत में फंसे बाहर के मजदूरों ने सड़क जाम की और पत्थर फेंके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 70 लोगों को हिरासत में लिया है। यह सभी लोग वापस घर जाने की मांग रहे हैं। 

पत्थरबाजी करने वाले मजदूर ओडिशा के

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पत्थरबाजी और आगजनी करने वाले ज्यादातर मजदूर ओडिशा के हैं और अपने गांव वापस लौटना चाहते हैं। वे पिछले कई हफ्तों से यहां फंसे हैं। उन्हें इस बात की चिंता है कि अगर लॉकडाउन की मियाद बढ़ती है तो वह कैसे यहां रह पाएंगे। इस बीच, पुलिस शहर के लसकाणा, डायमंड नगर और विपुल नगर में पेट्रोलिंग बढ़ाने का फैसला किया है। 

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