क्या सोशल मीडिया पर किसी का भी अकाउंट हैक हो सकता है?

By Abhishek Raghuvanshi
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सोशल मीडिया तेज़ी से Lifestyle में जगह बना चुका है. खासकर Lockdown और Isolation के दौर में लोग सोशल मीडिया के ज़रिये काफी संपर्क कर रहे हैं. ऐसे में, सोशल मीडिया Account Hacking को लेकर सभी के मन में सवाल और जिज्ञासाएं हैं. सभी अपने अकाउंट, सिस्टम और डिटेल्स सुरक्षित रखना चाहते हैं. लेकिन सावधान रहें! Facebook, इंस्टाग्राम, TikTok, Twitter जैसे अकाउंट के पासवर्ड आसानी से चुराए जा सकते हैं.

अमेरिका से ताज़ा खबर है कि जोसेफ बिडेन, बराक ओबामा, बिल गेट्स, कैन्ये वेस्ट और एलन मस्क जैसी हस्तियों के ट्विटर अकाउंट्स हैक किए जाने की सनसनीखेज़ खबर आई. ये हैकिंग बिटकॉइन और क्रिप्टोकरंसी से जुड़े एक बड़े घोटाले के संदर्भ में की जाना बताया गया है. हालांकि ट्विटर ने इस हैकिंग की जांच करने की बात कही, लेकिन जानने की बात ये है कि कोई भी सोशल अकाउंट हैक करना कैसे और कितना आसान है.

एक रिसर्च के मुताबिक फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर बने अकाउंट्स को हैक करना बहुत मुश्किल काम नहीं है. दूसरी तरफ, अगर आप फेसबुक हैकिंग, इंस्टाग्राम हैकिंग जैसे कीवर्ड लिखकर इंटरनेट पर सर्च करेंगे, तो कई लेख आपको कई तरकीबें बताते हुए मिल जाएंगे. जानिए ताज़ा रिसर्च के मुताबिक किसी सोशल मीडिया अकाउंट को हैक करना कितना आसान है.

हैकिंग के लिए चाहिए मिनिमम जानकारीये है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सुरक्षा के कई फीचर मुहैया करवाते हैं लेकिन सिक्योरिटी रिसर्चों का मानना है कि हैकिंग के लिए किसी अकाउंट से जुड़ी कम से कम सूचना ही बहुत हो सकती है. मसलन, जिसका अकाउंट हैक करना है, अगर हैकर के पास उसका मोबाइल फोन नंबर हो, तो हैकिंग बहुत आसान हो जाती है.

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फेसबुक डेटा लीक होने और अकाउंट हैक होने की खबरें लगातार रही हैं.

कितना अहम है स्ट्रॉंग पासवर्ड?
रिसर्चरों का कहना है कि अगर हैकर के पास आपका मोबाइल नंबर पहुंच जाता है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड कितना स्ट्रॉंग बनाया है या सिक्योरिटी सवाल कितना मुश्किल है. ये चुटकी बजाने जैसा आसान काम है कि आपके मोबाइल फोन के ज़रिये कोई कुशल हैकर आपके फेसबुक पेज या अकाउंट को हैक कर ले.

क्यों है हैकिंग इतनी आसान?
सिक्योरिटी विश्लेषण के बाद पता चला है कि कुशल हैकर फेसबुक हैकिंग को मिनटों में कैसे अंजाम दे सकते हैं. अस्ल में, Signalling System Number 7 (SS7) नेटवर्क के ज़रिये ये हैकिंग बहुत आसान हो गई है. दुनिया भर में टेलिकॉम नेटवर्क SS7 साइबर अपराधियों को पर्सनल फोन कॉल्स और मैसेज सुनने, पढ़ने या रिकॉर्ड करने से रोक पाने में सक्षम नहीं पाया गया.

अस्ल में, SS7 सिग्नल संबंधी एक प्रोटोकॉल है जिसका इस्तेमाल सूचनाएं भेजने और हासिल करने, क्रॉस कैरियर बिलिंग, सिम कार्डों की रोमिंग और कई अन्य तरह के ऑपरेशनों में होता है. दुनिया भर में 800 से ज़्यादा टेलिकॉम ऑपरेटर SS7 प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करते हैं.

कैसे किया जाता है एफबी अकाउंट हैक?
एक उदाहरण के तौर पर समझें कि हैकर पहले आपके मोबाइल फोन पर एक SMS भेजता है, जो आपकी रुचि का होता है ता​कि आप उसे फॉलो करते हुए आगे के निर्देशों के मुताबिक क्लिक करें. जैसे ही आप इस मैसेज पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं, हैकर को आपके सभी सोशल मीडिया अकाउंटों में घुसपैठ करने का रास्ता मिल जाता है, ​जो आपके उस मोबाइल फोन से कनेक्टेड हैं. आपके मोबाइल फोन के ज़रिये हैकर आपके तमाम अकाउंटों पर काबू कर सकता है.

आपको लगेगा कि मैसेज टिकटॉक ने भेजा है, लेकिन ये हैकर की चाल होगी.

टि​कटॉक अकाउंट कैसे होता है ​हैक?
फेसबुक, वॉट्सएप और टिकटॉक जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूज़रों की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर दावे करते हैं लेकिन इन पर सवालिया निशान लगे हैं.

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चेक पॉइंट की रिसर्च के हवाले से वैल्यू एडेड ​रीसेलर्स की अकाउंट हैकिंग संबंधी रिपोर्ट में कहा गया कि टिकटॉक के बिहाफ पर कोई हैकर आपके मोबाइल फोन पर SMS भेज सकता है और लिंक पर आपके क्लिक करते ही वो आपके मोबाइल फोन में कोडिंग के ज़रिये घुसपैठ कर सकता है.

हैकिंग की इस ट्रिक को ‘क्रॉस साइट रिक्वेस्ट फॉर्जरी अटैक’ कहा जाता है, जिसमें हैकर चालबाज़ी से यूज़र को मजबूर करते हैं कि वो अनजाने में ही उनके जाल में फंस जाए. रिसर्चरों ने कहा कि इस तकनीक के खिलाफ अभी कोई मैकेनिज़्म उपलब्ध नहीं है.

ये भी कहा गया है कि चेक पॉइंट के शोधकर्ताओं ने टिकटॉक की डेवलपर संस्था ByteDance को इन खतरों के बारे में सूचित किया तो नवंबर 2019 में, टिकटॉक के मोबाइल एप का पैच्ड वर्जन रिलीज़ किया गया. साथ ही, टिकटॉक के यूज़रों को हिदायत दी गई कि वो हैकिंग से बचने के लिए नवीनतम वर्जन को डाउनलोड कर इस्तेमाल करें.

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