- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में किया था जिक्र
- दुनिया के खिलौना मार्केट में भारत का हिस्सा बढ़ाने की बात
- सांसद लालवानी ने कारोबारियों के साथ बैठक की
- ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में सांसद का बड़ा प्रयास
- सांसद की पहल से बढ़ेंगे रोजगार के मौके
सांसद शंकर लालवानी इंदौर में कारोबारी गतिविधियों बढ़ाने और एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में दुनिया भर के 7 लाख करोड़ के खिलाैना बाजार का जिक्र करते हुए भारत में खिलौना मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात कही थी। जिसके बाद सांसद शंकर लालवानी ने औद्योगिक संगठन एआईएमपी के साथ इंदौर के कारोबारियों के साथ बैठक कर इंदौर में टॉय क्लस्टर बनाने और स्थानीय खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के संदर्भ में बात की।
सांसद लालवानी ने कहा कि ‘मा.प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के बाद हमने इस विषय पर रिसर्च किया और सबसे बड़ी जरुरत भारतीय खिलौनों में इनोवेशन लाने की है। हमने इस विषय पर बैठक कर कारोबारियों का पक्ष जाना है और इंदौर में संभावनाएं तलाशी है।’
सांसद ने कहा कि भारत में खिलौना बाजार की अथाह संभावनाएं है। फिलहाल हमारे बाजार में चीन और अन्य देशों में बने खिलाैने ज्यादा बिकते हैं। इसलिए एक्सपोर्ट के साथ-साथ देश के बड़े बाजार को भी ध्यान में रखना होगा।
इंदौर में हैंडमेड लेदर टॉयज का ज्यादा काम होता है और पहले ये बड़ी संख्या में एक्सपोर्ट भी होते थे लेकिन धीरे-धीरे चीन ने इस पर कब्जा जमा लिया। सांसद ने कहा कि इसे दोबारा एक्सपोर्ट करने की संभावनाएं तलाशेंगे। बैठक में सुझाव आया कि कि कम से कम 100 एकड़ का एक टॉयज क्लस्टर बनाया जाए जहां कच्चे माल, टेक्नोलॉजी, मशीनों से लेकर देश-विदेश में बेचने के लिए मार्गदर्शन एक ही जगह पर मिल जाए। साथ ही एयरपोर्ट पर खिलौनों के डिस्प्ले के लिए जगह देने का सुझाव भी सामने आया।
सांसद ने कारोबारियों को राज्य और केंद्र सरकार से हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। साथ ही सांसद ने मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा से भी इस विषय पर बात की और मंत्री ने प्रोजेक्ट बनाकर मिलने और पूरी मदद देने के लिए कहा है।
इस बैठक में एआईएमपी के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया समेत कई कारोबारी मौजूद थे।
