अगले महीने RBI कर सकता है आपकी EMI को कम करने से जुड़ा बड़ा ऐलान!

By Abhishek Raghuvanshi
5 Min Read
अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती संभव

फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, फिच सॉल्यूशंस में हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान आरबीआई की प्रमुख नीतिगत दरों में 1.75 प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है, जबकि पहले यह अनुमान 0.40 प्रतिशत था.

नई दिल्ली. फिच सॉल्यूशंस (Fitch Solutions) ने बुधवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख ब्याज दरों में 1.75 फीसदी की कटौती कर सकता है. इससे पहले उसका अनुमान था कि ये कटौती 0.40 प्रतिशत की होगी. फिच ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते फैली महामारी के आर्थिक असर के मद्देनजर अपने अनुमानों में बदलाव किया है. उसका अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) दर 4.9 प्रतिशत रहेगी, जबकि 2020-21 में यह आंकड़ा 5.4 प्रतिशत तक रह सकता है.

1.75% की हो सकती है कटौती
फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, फिच सॉल्यूशंस में हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान आरबीआई की प्रमुख नीतिगत दरों में 1.75 प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है, जबकि पहले यह अनुमान 0.40 प्रतिशत था. उसने महंगाई में कमी आने का अनुमान जताया है.

ये भी पढ़ें: कोरोना के कहर से गोल्ड ज्वेलरी इंडस्ट्री को लगा सबसे बड़ा झटका! डिमांड में आई 75% की गिरावटअगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती संभव
कोरोना वायरस (COVID-19) को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ​शक्तिकांत दास ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ब्याज दरों में कटौती पर पूछे गए एक सवाल में उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर यह फैसला केवल मौद्रिक समीक्षा नीति बैठक में ही लिया जा सकता है. अगली बैठक होगी तो इस पर विचार किया जाएगा. हालांकि, इस पर उन्होंने इशारा किया कि एमपीसी की अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है.

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत भी कोरोना वायरस की जद में है. दास ने कहा कि टूरिज्म, हॉस्पिटेलिटी और एयरलाइंस समेत कई सेक्टर्स पर इसका असर पड़ रहा है. वित्तीय बाजार की सेहत ठीक रखने के लिए आरबीआई ने जरूरी कदम उठाया है.एसएंडपी ने 2020 में भारत की विकास दर के अनुमान घटाया
इससे पहले, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 2020 में भारत की वैश्विक आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है और कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में प्रवेश कर रही है. इससे पहले एजेंसी ने 2020 में भारत में 5.7 प्रतिशत की दर से विकास होने का अनुमान जताया था. एसएंडपी ने एक बयान में कहा कि दुनिया मंदी के दौर में प्रवेश कर रही है.

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में एशिया प्रशांत के लिए प्रमुख अर्थशास्त्री शॉन रोशे ने कहा कि चीन में पहली तिमाही में बड़ा झटका, अमेरिका और यूरोप में शटडाउन और स्थानीय विषाणु संक्रमण के कारण एशिया-प्रशांत में बड़ी मंदी पैदा होगी.

ये भी पढ़ें:- YES बैंक ग्राहक ध्यान दें! आज 2.5 घंटे तक ATM, नेटबैंकिंग सर्विस नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल

तीन देशों का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया
एसएंडपी ने कहा, हम चीन, भारत और जापान में 2020 में होने वाले विकास के अनुमान को कम करके क्रमश: (पहले के 4.8 प्रतिशत, 5.7 प्रतिशत, और -0.4 प्रतिशत) 2.9 प्रतिशत, 5.2 प्रतिशत और -1.2 प्रतिशत कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

कोरोना के कहर से यात्रियों को बचाने के लिए Railway ने खाने को लेकर बनाए सख्त कदम

LIC स्कीम- सारी किस्त चुकाने के बाद भी मिलता रहेगा फायदा, होगा लाखों का मुनाफा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 18, 2020, 3:03 PM IST

Exit mobile version